॥ स्तरः १२ · भूगोलाध्यायः ॥

ऋतुसम्पात–अयनचक्र यन्त्रम्

पृथ्वी-अक्ष · विषुवद्वृत्त · क्रान्तिवृत्त · अयन · अयनचलन — शुद्ध सूर्यसिद्धान्त।

पृथ्वी-अक्ष-तिर्यकत्व → विषुवद्वृत्त–क्रान्तिवृत्त कोण (ε) → सूर्य-क्रान्ति → ऋतुचक्र → सम्पात/अयनान्त → सायन राशिचक्र → अयनचलन → सायन–निरयन अन्तर → अयनांश

यन्त्र बन रहा है…

चत्वारः स्थायि-बिन्दवः · तिथयः

बिन्दु तिथि · कालः निरयन

स्रोतः: makara_ayana::row_for_kind — शुद्ध सूर्यसिद्धान्त। तिथिः = यदा सायन सूर्य = ०° / ९०° / १८०° / २७०° (वसन्त/शरद् सम्पात, उत्तर/दक्षिण अयनान्त)।