॥ श्री तन्त्रकुलज्योतिषम् ॥
तन्त्रकुलम् · कुण्डली-मिलान · शुद्ध विवाह-मुहूर्त
दृक् · लाहिरी
तन्त्रकुलम्
दृक् · लाहिरी। वर-वधू जन्म से अष्टकूट। विवाह-स्थान सूची से चुनें — वहीं से पञ्चाङ्ग, त्रिबल, लग्न-शुद्धि और लत्ता निकलते हैं।
दृक् गणना चल रही है
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