दृक् · लाहिरी। वर-वधू जन्म से अष्टकूट। विवाह-स्थान सूची से चुनें — वहीं से पञ्चाङ्ग, त्रिबल, लग्न-शुद्धि और लत्ता निकलते हैं।

वर
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शुभ लग्न खोजने में दो मिनट तक लग सकते हैं।

९० दिन से ऊपर की खोज सशुल्क है।

दृक् · लाहिरी · पहले कुण्डली-मिलान, फिर शुभ समय। शुभ लग्न खोजने में दो मिनट तक लग सकते हैं।

यदि इच्छित समय में कोई लग्न न मिले तो गोधूलि। अन्य शुद्ध लग्न न मिले तभी आपत्काल में। सूर्यास्त के आसपास दिन-रात्रि संधि। स्वेच्छा से नहीं लिया जाता। तब भी जन्म से अष्टम लग्न और पाप-कर्तरी न हों।

अभी खोज ९० दिन तक बद्ध है। ९० दिन से ऊपर सशुल्क खोज है।