॥ सूर्यसिद्धान्त · अध्याय ९ (अस्तांश) ॥

शुक्रास्त–गुर्वस्त यन्त्रम्

सूर्य एक स्थान पर — शुक्र व गुरु कितने अंश दूर; अस्त-वलय के भीतर गए तो अस्त, बाहर निकले तो उदय। शुद्ध सूर्यसिद्धान्त।

दिन-चालन

यन्त्र बन रहा है…