॥ अयन–सम्पात–संक्रान्ति–दर्शकम् ॥

सूर्यकालचक्रम्

सायन व निरयन सूर्यचक्र एक ही वृत्त पर · सूर्यसिद्धान्ती चलन · क्रान्ति · ऋतु/अयन — दिनांक खींचकर सूर्य को संवत्-पथ पर चलाएँ। ईसा-पूर्व हेतु वर्ष ऋणात्मक (−५००), तथा अहर्गण से भी तिथि निकालें।

संवत्-वर्ष
अहर्गण

यन्त्र बन रहा है…

सूर्य-विवरण

बाह्य वलय सायन राशि आन्तर वलय निरयन राशि (अयनांश से खिसका) स्वर्ण-कीलक सूर्यसिद्धान्ती चलन सूर्य एक ही — दोनों वलय से पठनीय