तन्त्रकुलम् · सूर्यसिद्धान्तपञ्चाङ्गम्
क्षेपकः कलौ स्थिरं चलनम् (शनिः −३९°)। तेन सह रैखिकं बीजम्। २०२६ तमे सूर्यस्य शुद्धयोगः केवलं +०.६०°।
उज्जयिनी · १५ अगस्त २०२६ · १२:०० IST · अहर्गणः १८७२८०२। अयनांशः स्फुटात् न ह्रियते।
| ग्रहः | क्षेपकः ° | रैखिकं Δ ° | शुद्धयोगः ° | मूलम् − दृक् ° | दृग्बीजम् − दृक् ° | |मूलम्| | |शोधितम्| |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सूर्यः | −११.५६ | +१२.१६ | +०.६० | −०.६१ | −०.०२ | ||
| चन्द्रः | −१२.०५ | +१२.४१ | +०.३५ | −१.५१ | +०.२० | ||
| भौमः | −७.४८ | +९.०८ | +१.६० | −१.४९ | −०.२४ | ||
| बुधः | −१५.२१ | +१७.१७ | +१.९६ | +२.८० | +०.९९ | ||
| गुरुः | +२.४२ | −७.०५ | −४.६३ | +३.६२ | −०.०५ | ||
| शुक्रः | +२३.९१ | −२५.१६ | −१.२५ | −१.१८ | −०.२३ | ||
| शनिः | −३८.९६ | +४५.४४ | +६.४८ | −७.८४ | −०.५२ | ||
| राहुः | +९.६३ | +१३.५८ | +२३.२० | +३.९५ | +०.०० |
पट्टिका = |अवशेषः| / ८°। लघु = दृक्समीपम्। बुधस्य शीघ्रं रैखिकेन न नश्यति। चन्द्र-मूल-RMS +१.१८°, दृग्बीजम् +०.२८°।
| वर्षम् | सूर्यः मूल | सूर्यः दृग्बीजम् | गुरुः मूल | गुरुः दृग्बीजम् | शनिः मूल | शनिः दृग्बीजम् | राहुः मूल | राहुः दृग्बीजम् |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| १८०० | −०.०७ | −०.०० | +३.५२ | −०.१२ | −२.६३ | +१.७२ | +३.३५ | −०.०० |
| १९०० | −०.३१ | −०.०१ | +४.४५ | +०.०२ | −६.९२ | −१.९७ | +३.६२ | +०.०० |
| २००० | −०.५४ | −०.०१ | +४.५४ | −०.०४ | −५.७५ | +१.२५ | +३.८८ | +०.०० |
| २०२६ | −०.६१ | −०.०२ | +३.६२ | −०.०५ | −७.८४ | −०.५२ | +३.९५ | +०.०० |
| २१०० | −०.७८ | −०.०२ | +३.९३ | +०.०८ | −५.७३ | +०.६४ | +४.१४ | −०.०० |
| वर्षम् | चन्द्रः मूल | चन्द्रः दृग्बीजम् | भौमः मूल | भौमः दृग्बीजम् | बुधः मूल | बुधः दृग्बीजम् | शुक्रः मूल | शुक्रः दृग्बीजम् |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| १८०० | +०.३९ | −०.२८ | −४.३७ | −२.५२ | −७.८० | −४.६५ | +३.०७ | +३.०५ |
| १९०० | −३.१५ | −०.४५ | −०.९० | +०.११ | +१.२८ | +१.१३ | −४.०७ | −३.४९ |
| २००० | +०.१७ | −०.१४ | −०.६७ | +०.३७ | +१.६५ | −०.१३ | +३.०६ | +२.९३ |
| २०२६ | −१.५१ | +०.२० | −१.४९ | −०.२४ | +२.८० | +०.९९ | −१.१८ | −०.२३ |
| २१०० | −१.२७ | −०.३४ | −१.१४ | +०.०६ | −१.२९ | −२.०९ | +१.८३ | +१.९७ |
अद्य दृकात् (शोधनात् परम्): सूर्यः प्रायः शून्यम्, गुरु-राहू प्रायः शून्यौ, शनिः अर्धांशः, भौम-शुक्रौ ~०.२°।
शोधनात् पूर्वम् चन्द्रः २०२६ RMS +१.१८° (१५ अगस्त −१.५१°)। द्वितीयफलेन RMS +०.२८° — प्रायः दृक्-समीपम्।
शोधनात् पूर्वम् बुधः १५ अगस्त २०२६ +२.८०°। S+२S अनन्तरं तस्मिन् दिने +०.९९°; अधःसंयोगे ~५° तिष्ठेत्। मूले बीजं विना शनिः ~८°, गुरुः ~४° भिन्नः।