तन्त्रकुल · सूर्यसिद्धान्त पञ्चाङ्ग

दृक् तुलना — क्षेपक और आधुनिक दृक्

मूल स्फुट, बेञ्जवाल-दृग्बीज स्फुट, और लाहिरी-Meeus/Schlyter दृक् का अन्तर। क्षेपक अकेला आज का शेष नहीं।

संस्कृतम्शोध-पत्रबेञ्जवाल-दृग्बीज

१. क्षेपक अकेला आज का अन्तर नहीं

क्षेपक कलि-युग पर स्थिर खिसकाव है (शनि −३९°)। उसके साथ रैखिक बीज चलता है। २०२६ में दोनों लगभग काटते हैं — सूर्य का शुद्ध जोड़ केवल +०.६०° है।

शुद्ध जोड़ = क्षेपक + ३६०° × बीज-भ्रमण × अहर्गण / १५७७९१७८२८
अवशेष = स्फुट − आधुनिक दृक् (लाहिरी-निरयण Meeus / Schlyter)

उज्जयिनी · १५ अगस्त २०२६ · १२:०० IST · अहर्गण १८७२८०२। अयनांश स्फुट से नहीं घटता।

−०.०१९°सूर्य, दृग्बीज − दृक्
−०.०५१°गुरु, दृग्बीज − दृक्
−०.५२०°शनि, दृग्बीज − दृक्
+०.२८°चन्द्र RMS २०२६ (३६ क्षण)

२. २०२६ — क्षेपक, रैखिक बीज, आधुनिक दृक्

ग्रहक्षेपक °रैखिक Δ °शुद्ध जोड़ °मूल − दृक् °दृग्बीज − दृक् °|मूल||शोधित|
सूर्य−११.५६+१२.१६+०.६०−०.६१−०.०२
चन्द्र−१२.०५+१२.४१+०.३५−१.५१+०.२०
मङ्गल−७.४८+९.०८+१.६०−१.४९−०.२४
बुध−१५.२१+१७.१७+१.९६+२.८०+०.९९
गुरु+२.४२−७.०५−४.६३+३.६२−०.०५
शुक्र+२३.९१−२५.१६−१.२५−१.१८−०.२३
शनि−३८.९६+४५.४४+६.४८−७.८४−०.५२
राहु+९.६३+१३.५८+२३.२०+३.९५+०.००

पट्टी = |अवशेष| / ८°। छोटा = दृक् के निकट। बुध का शीघ्रफल रैखिक बीज से नहीं मिटता। चन्द्र मूल RMS +१.१८°, दृग्बीज +०.२८°।

३. मंदगामी — वर्षों पर अवशेष

वर्षसूर्य मूलसूर्य दृग्बीजगुरु मूलगुरु दृग्बीजशनि मूलशनि दृग्बीजराहु मूलराहु दृग्बीज
१८००−०.०७−०.००+३.५२−०.१२−२.६३+१.७२+३.३५−०.००
१९००−०.३१−०.०१+४.४५+०.०२−६.९२−१.९७+३.६२+०.००
२०००−०.५४−०.०१+४.५४−०.०४−५.७५+१.२५+३.८८+०.००
२०२६−०.६१−०.०२+३.६२−०.०५−७.८४−०.५२+३.९५+०.००
२१००−०.७८−०.०२+३.९३+०.०८−५.७३+०.६४+४.१४−०.००

४. शीघ्र / चन्द्र — आवर्ती फल बचा रहता है

वर्षचन्द्र मूलचन्द्र दृग्बीजमङ्गल मूलमङ्गल दृग्बीजबुध मूलबुध दृग्बीजशुक्र मूलशुक्र दृग्बीज
१८००+०.३९−०.२८−४.३७−२.५२−७.८०−४.६५+३.०७+३.०५
१९००−३.१५−०.४५−०.९०+०.११+१.२८+१.१३−४.०७−३.४९
२०००+०.१७−०.१४−०.६७+०.३७+१.६५−०.१३+३.०६+२.९३
२०२६−१.५१+०.२०−१.४९−०.२४+२.८०+०.९९−१.१८−०.२३
२१००−१.२७−०.३४−१.१४+०.०६−१.२९−२.०९+१.८३+१.९७

५. निष्कर्ष

आधुनिक दृक् से आज (शोधन के बाद): सूर्य लगभग शून्य, गुरु-राहु लगभग शून्य, शनि आधा अंश, मङ्गल-शुक्र ~०.२°।

बिना शोधन चन्द्र २०२६ RMS +१.१८° (१५ अगस्त −१.५१°)। द्वितीय फल के बाद RMS +०.२८° — दृक् के ~११′ भीतर प्रायः।

बिना शोधन बुध १५ अगस्त २०२६ +२.८०°। S+2S शीघ्र के बाद उसी दिन +०.९९°; अधःसंयोग पर ~५° बच सकता है। मूल बिना बीज के शनि ~८°, गुरु ~४° अलग है।

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