तंत्रकुलपञ्चाङ्ग

तंत्रकुलपञ्चाङ्गकर्ता — आचार्य राजेश बेंजवाल
तंत्रगुरुकुल देहरादून, उत्तराखण्ड
Date and Location

Date: Friday, 2026-2-13

Time: 03:53:00 AM

Location: 30.3165°N, 78.0322°E, 600m (Dehradun)

सम्वत्सर

नाम: सिद्धार्थी

विक्रम सम्वत्: 2082

शक सम्वत्: 1947

कलि सम्वत्: 5126

सम्वत्सर विवरण

विक्रम सम्वत्: 2082

शक सम्वत्: 1947

युधिष्ठिर सम्वत्: 5165 Alpha

परशुराम सम्वत्: 8203 Alpha

कलि सम्वत्: 5126

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 2026-03-20

तिथि

उदयकालिक: एकादशी (नन्दा तिथि)

पूर्णता: 71.29%

परिवर्तन:
  • एकादशी → द्वादशी 14:26 IST
नक्षत्र

वर्तमान: पूर्वाषाढा

पाद: 2

परिवर्तन:
  • मूल → पूर्वाषाढा 16:12 IST
योग

उदयकालिक: वज्र

पूर्णता: 15.96%

परिवर्तन:
  • वज्र → सिद्धि 03:23 IST
करण

उदयकालिक: बालव

पूर्णता: 42.57%

परिवर्तन:
  • बालव → कौलव 14:26 IST
  • कौलव → तैतिल 03:18 IST
चान्द्रमास

अमान्त: माघ

पूर्णिमान्त: फाल्गुन

पक्ष: कृष्ण

सौरमास

राशि: कुम्भ

मास: माघ (गढ़वाली: मौ ) Alpha

गति: 0 प्रविष्टे

उदय एवं अस्त समय
☉ सूर्य

उदय: 07:00 IST

अस्त: 18:04 IST

मध्य पारगमन: 12:32 IST

☽ चन्द्र

उदय: 04:06 IST

अस्त: 13:07 IST

मध्य पारगमन: 09:03 IST

संक्रांति विवरण

वर्तमान राशि: कुम्भ

ऋतु: शिशिर

अयन: उत्तरायणे

राशि में स्थिति: 1.0° (29.0° to next)

राशि प्रवेश: Unknown

वर्तमान राशि में दिन: 0 दिन

अगली राशि: मीन

अगली संक्रांति: Unknown

मुहूर्त योगादि विवरण
दिन-रात्रि मान
दिनमान: 27.67 घटी रात्रिमान: 32.29 घटी
अग्निचक्र

🔵 केतु - अग्निचक्र केतु में होने से यज्ञादि कर्म प्राणघातक

अग्निवास
पाताल
10:51 IST(2026-02-12) - 07:00 IST(2026-02-13)
आकाश
07:00 IST(2026-02-13) - 14:26 IST
पाताल
14:26 IST(2026-02-13) - 07:00 IST(2026-02-14)
शिव वास

🏔️ कैलाश में - सुखदायी

अशुभ काल
राहुकाल: 11:09 IST - 12:32 IST गुलिककाल: 09:46 IST - 11:09 IST यमकण्टक: 15:18 IST - 16:41 IST
क्रकचादि योग
कोई योग नहीं
सर्वार्थसिद्धि योग
सर्वार्थसिद्धि योग नहीं है
रवि योग विवरणBeta
रवि योग नहीं है
अमृतसिद्धि योग
अमृतसिद्धि योग नहीं है
शुभ मुहूर्त/काल विवरण
ब्रह्ममुहूर्त
05:15 IST - 06:07 IST (52 minutes)
गोधूली वेला
06:48 IST - 07:12 IST (24 मिनट)
अभिजितमुहूर्त
12:09 IST - 12:54 IST (44 minutes)
दिन-रात्रि प्रहर
दिन:
पूर्वाह्न: 07:00 IST-09:46 IST
मध्याह्न: 09:46 IST-12:32 IST
अपराह्न: 12:32 IST-15:18 IST
सांयकाल: 15:18 IST-18:04 IST
रात्रि:
प्रदोष: 18:04 IST-21:17 IST
निशीथ: 21:17 IST-00:31 IST
त्रियामा: 00:31 IST-03:45 IST
उषा: 03:45 IST-06:59 IST
ग्रह उदय-अस्त
शुक्र:
Asta: 2026-10-18 (8.53°)
Uday: 2026-10-30 (10.47°)
बृहस्पति:
Asta: 2026-07-14 (10.82°)
Uday: 2026-08-13 (11.25°)
भद्रा विचार
❌ भद्रा नहीं है।

ग्रह स्थिति

ग्रह स्थिति
ग्रह राशि स्थिति नक्षत्र गति वेग समय (IST) अवस्था उदय/अस्त
⌂ लग्न धनु 8° 50' 21" मूल पाद 3 - - - - -
☉ सूर्य कुम्भ 1° 0' 6" धनिष्ठा पाद 3 मार्गी 1.0186° 07:00 IST
18:04 IST
12:32 IST
बाल उदय
☽ चन्द्र धनु 19° 16' 49" पूर्वाषाढा पाद 2 मार्गी 12.2665° 04:06 IST
13:07 IST
09:03 IST
वृद्ध उदय
☿ बुध कुम्भ 17° 26' 49" शतभिषा पाद 4 मार्गी 1.5380° 07:50 IST
19:19 IST
13:34 IST
युवा उदय
♀ शुक्र कुम्भ 10° 9' 52" शतभिषा पाद 2 मार्गी 1.2574° 07:34 IST
18:44 IST
13:09 IST
कुमार उदय
♂ मंगल मकर 22° 39' 14" श्रवण पाद 4 मार्गी 0.7894° 06:40 IST
17:23 IST
12:01 IST
कुमार अस्त
♃ बृहस्पति मिथुन 21° 53' 18" पुनर्वसु पाद 1 🔄 वक्र गति -0.0801° 14:55 IST
04:52 IST
21:53 IST
वृद्ध उदय
♄ शनि मीन 5° 46' 3" उत्तर भाद्रपद पाद 1 मार्गी 0.1112° 08:50 IST
20:44 IST
14:47 IST
मृत उदय
☊ राहु कुम्भ 15° 37' 14" शतभिषा पाद 3 🔄 वक्र गति -0.0530° - - -
☋ केतु सिंह 15° 37' 14" पूर्व फाल्गुनी पाद 1 🔄 वक्र गति -0.0530° - - -

📜 दैनिक मुहूर्त (दिन) 📜

🔢 # 📛 नाम 🕉️ प्रकार 🕰️ आरंभ ⏳ समाप्ति ⏱️ अवधि
1 रुद्र अशुभ 07:00 IST 07:44 IST 44 minutes
2 अहि अशुभ 07:44 IST 08:28 IST 44 minutes
3 मित्र शुभ 08:28 IST 09:12 IST 44 minutes
4 पितृ अशुभ 09:12 IST 09:57 IST 44 minutes
5 वसु शुभ 09:57 IST 10:41 IST 44 minutes
6 वाराह शुभ 10:41 IST 11:25 IST 44 minutes
7 विश्वदेव शुभ 11:25 IST 12:09 IST 44 minutes
8 अभिजित शुभ 12:09 IST 12:54 IST 44 minutes
9 सतमुखी अशुभ 12:54 IST 13:38 IST 44 minutes
10 पुरुहुत अशुभ 13:38 IST 14:22 IST 44 minutes
11 वाहिनी अशुभ 14:22 IST 15:06 IST 44 minutes
12 नैर्ऋति अशुभ 15:06 IST 15:51 IST 44 minutes
13 वरुण शुभ 15:51 IST 16:35 IST 44 minutes
14 अर्यमा शुभ 16:35 IST 17:19 IST 44 minutes
15 भग अशुभ 17:19 IST 18:04 IST 44 minutes

📜 दैनिक मुहूर्त (रात्रि) 📜

🔢 # 📛 नाम 🕉️ प्रकार 🕰️ आरंभ ⏳ समाप्ति ⏱️ अवधि
1 गिरीश अशुभ 18:04 IST 18:55 IST 52 minutes
2 अजपाद अशुभ 18:55 IST 19:47 IST 52 minutes
3 अहिरबुध्न्य शुभ 19:47 IST 20:39 IST 52 minutes
4 पुष्णव शुभ 20:39 IST 21:30 IST 52 minutes
5 अश्विनी शुभ 21:30 IST 22:22 IST 52 minutes
6 यम अशुभ 22:22 IST 23:14 IST 52 minutes
7 अग्नि शुभ 23:14 IST 00:05 IST 52 minutes
8 विधाता शुभ 00:05 IST 00:57 IST 52 minutes
9 कण्ड शुभ 00:57 IST 01:49 IST 52 minutes
10 अदिति शुभ 01:49 IST 02:40 IST 52 minutes
11 अमृत शुभ 02:40 IST 03:32 IST 52 minutes
12 विष्णु शुभ 03:32 IST 04:24 IST 52 minutes
13 अर्क शुभ 04:24 IST 05:15 IST 52 minutes
14 ब्रह्म शुभ 05:15 IST 06:07 IST 52 minutes
15 समुद्र शुभ 06:07 IST 06:59 IST 52 minutes

संकल्प

संकल्प

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः नमः परमात्मने पुरुषोत्तमाय ॐ तत्सत् अद्यैतस्य विष्णोराज्ञया जगत्सृष्टिकर्मणि प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणो द्वितीयपरार्द्धे श्रीश्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे तत्प्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे विष्णुप्रजापतिक्षेत्रे क्षेत्रे ....... प्रदेशान्तर्गत ....... जिलान्तर्गत ........... स्थाने बौद्धावतारे सिद्धार्थी नाम संवत्सरे 2082 विक्रमाब्दे 1947 शकाब्दे उत्तरायणे शिशिर ऋतौ माघमासे कृष्णपक्षे धनुराशिस्थिते चन्द्रे कुम्भराशिस्थिते सूर्ये मिथुनराशिस्थिते देवगुरौ मकरराशिस्थिते भौमे कुम्भराशिस्थिते बुधे कुम्भराशिस्थिते शुक्रे मीनराशिस्थिते शनौ कुम्भराशिस्थिते राहौ सिंहराशिस्थिते केतौ सर्वेषु ग्रहेषु यथास्वं राशि स्थितेषु सत्सु एवं ग्रहगण विशिष्टायां शुभ पुण्यतिथौ एकादश्यां तिथौ शुक्रवासरे पूर्वाषाढा नाम नक्षत्रे वज्र योगे बालव करणे _______ गोत्रोत्पन्न _______ शर्मा/वर्मा/गुप्तोऽहं ममात्मनः सर्वारिष्टनिरसनपूर्वक सर्वपापक्षयार्थं मनसेप्सितफलप्राप्तिपूर्वक—श्रुतिस्मृतिपुराणोक्तफलप्राप्त्यर्थं दीर्घायुरारोग्यैश्वर्यादिवृद्ध्यर्थं श्रीसाम्बसदाशिवप्रीत्यर्थञ्च लिङ्गोपरि यथोपचारैः श्रीसाम्बसदाशिवपूजनपूर्वकं जलधारया षडङ्गरुद्रेण/रुद्रैकादशिन्या/लघुरुद्रेण रुद्राभिषेकं _______ गोत्रोत्पन्न _______ शर्मणा ब्राह्मणद्वारा कारयिष्ये वा स्वयं कर रहे हों तो अहं ​करिष्ये कहकर हाथका सङ्कल्पजल आदि छोड़ दे।

पुनः हाथमें जल, अक्षत, पुष्प तथा कुश लेकर बोले- तदङ्गत्वेन कार्यस्य निर्विघ्नतया सिद्धयर्थं श्रीसिद्धलक्ष्मीसहितमहागणपतिदेवता प्रीत्यर्थञ्च आदौ श्रीसिद्धलक्ष्मीसहित महागणपतिदेवताया: पूजनं करिष्ये, कहकर हाथका जल आदि छोड़ दे।